घाट काशी की जीवंत आत्मा हैं — भोर की सुबह-ए-बनारस, भव्य संध्या गंगा आरती, या नदी किनारे शांत चिंतन के लिए। वाराणसी के सर्वाधिक देखे जाने वाले घाट।